Chronicle-3 Narmada Parikrama

सर्वप्रथम माता व पिता को प्रणाम जिन्होंने यह जगत दिखाया,

उसके बाद सद्गुरु महान तपस्वी वीतराग परम पूज्य बाबाजी को प्रणाम,

जिन्होंने इस  जगत को समझाया और जीवन में से अज्ञान का अंधकार हटाने की अहैतुकी कृपा की |

ACCOUNT- DAY 1 17.2.2018

शनिवार अमरकंटक से महाराजपुर

13 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व था..मै, पत्नी पुष्पा , हमारा विश्वषनीय ड्राईवर लोकनाथ , इन्नोवा कार  में  12 फरवरी को अमरकंटक आश्रम पहुँच गए थे. श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक में  अनेकों संत व् गृहस्थ भी थे .प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी शिवरात्रि के मेले में आये हुए दर्शनार्थियौं के लिए पूज्य बाबाजी की कृपा से शिवरात्रि के दिन भंडारा किया गया था.

माँ नर्मदा परिक्रमा करने की अनुमति तो सदगुरुदेव परम पूज्य तपस्वी बाबा जी से उनके रायपुर प्रवास के समय मिल ही गई थी . परिक्रमा प्रारंभ करने के पहले श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक में बाबा जी की पूजा की | पूज्य बाबाजी ने  आशीर्वाद व प्रसाद दिया | 

पूज्य बाबाजी की पूजा

पूज्य बाबाजी के निर्देशानुसार आश्रम से पूज्य राजा बाबा, अमृतानन्द जी, शांतानंदजी एवं अन्य संतों  के साथ हम माई की बगिया पहुंचे | ऐसी मान्यता है की नर्मदाजी वहां बाल रूप में खेला करती थी | वहां पंडितों ने संकल्प कराया | जेरीकेन और चूड़ीवाले छोटे लोटे (लोटी) में माँ  नर्मदाजी का जल  लिया | परिक्रमा के दौरान जिस स्थान पर  नर्मदाजी के दर्शन नहीं होते हैं ,वहां इसी रूप में माँ  की पूजा की जाती है | माई की बगिया में नर्मदा जी   की पूजा की, कढ़ाई प्रसाद (हलुवा) भोग लगाया | कन्याओं का पूजन किया , कन्याओं ने कढ़ाई प्रसाद ग्रहण किया, आशीर्वाद दिया |

माई की बगिया

माई की बगिया से संतों के साथ नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर आ कर पूजा अर्चना कर दक्षिण तट से परिक्रमा प्रारंभ की | नियम के अनुसार नर्मदाजी हमेशा  , परिक्रमा वासी के  दाहिने हाथ की ओर होना चाहिये और नर्मदाजी को कभी भी लांघना नहीं / पार नहीं करना  चाहिये | माई की बगिया से परिक्रमा प्रारंभ करने वालों को  मुख्य मार्ग तक पहुँचने के लिए  रास्ते को समझने में थोड़ी कठिनाई होती है |  नियम में कोई  भूल चूक न हो , इसलिए राजाबाबा ने हमें नर्सरी के पास तक मुख्य मार्ग पर ला कर आगे का दिशा निर्देश दिया |

अब हम  इन्नोवा कार में  मै , पुष्पा , लोकनाथ तो थे ही, सामने की सीट पर परम पूज्य  बाबाजी  विराजमान हैं, ऐसा हमें आद्योपांत अनुभव होता रहा | माँ  नर्मदाजी हमारे दाहिने ओर थीं , उन्हें प्रणाम किया | शांत और सौम्य माँ ने आशीर्वाद दिया  , इस प्रकार दक्षिण तट से परिक्रमा प्रारंभ हुई | लगभग 1 बजे अमरकंटक से प्रस्थान किया.

अमरकंटक से डिंडोरी लगभग 90 किलो मीटर डेढ़ घंटे बाद पहुंचे | अमरकंटक से प्रस्थान करने के बाद पहली बार नर्मदा जी का दर्शन नमन किया | एयर कंडीशंड रेस्तरां और डाइनिंग  टेबल को छोड़ खुले में माँ  की गोद में ,आश्रम से साथ लाये पराठे ,  सब्जी, प्रसाद की  मिठाई पाने का आनंद लिया , बचपन याद आ गया |

नर्मदा दर्शन – डिंडोरी , भोजन घाट पर

डिंडोरी से महाराजपुर की दूरी 125 किमी है ,लगभग सवा तीन बजे महाराजपुर के लिए,  प्रस्थान किया | रास्ते में लगभग 5 बजे बिछिया में मिलन स्वीट्स में चाय पी | कार में लगे विनियर से सभी को जानकारी मिल जाती थी कि हम  परिक्रमा वासी हैं | पहली बार अनुभव हुवा की जनसाधारण के मानस में परिक्रमा वासीयों के प्रति  आदर और श्रद्धा का भाव रहता है.

महाराजपुर में रात्रि विश्राम के लिए, रामा रमण लाज की जानकारी थी, किन्तु वहां अत्यधिक भीड़ थी , सफाई की और  पानी की भी कमी थी | महाराजपुर में ही किंग फिशर होटल और रिसोर्ट नया व भव्य बना है, 1000 से 5000 रु तक कमरे हैं , किन्तु वह  शादी के लिए बुक था | मन में यह दुविधा भी थी कि परिक्रमा के दौरान इतनी  महंगी जगह में नहीं रुकना चाहिये |

पूरी परिक्रमा में पूज्य  बाबाजी मुझसे व्यवस्था व अन्य  जानकारियां  लगातार ले रहे थे | महाराजपुर में ही बेसिक सुविधाओं के साथ साधारण स्तर की  किरात धर्मशाला में 250 रू के कमरे , बुक कर , रात्रि भोजन के लिए शाकाहारी भोजनालय ढूंड रहे थे | इतने में ही अमरकंटक आश्रम से फ़ोन आया की महाराजपुर सर्किट हॉउस में व्यवस्था हो गई है |

 पूरी परिक्रमा में लगातार यह अनुभव हुवा की बाबाजी की कृपा और नर्मदा माँ का  स्नेह इतना है कि कहीं भी कोई असुविधा या ज़रा भी परेशानी नहीं हुई | कई स्थानों , आश्रमों में व मंदिरों में सहजता से  सब व्यवस्थाएं उपलब्ध होती गईं |

आज अमरकंटक ( 1 बजे ) – महाराजपुर ( 6 बजे) लगभग 230 किमी वाया डिंडोरी, समनापुर बिछिया . दोपहर भोजन : माँ नर्मदा तट डिंडोरी रात्रि विश्राम : सर्किट हॉउस महाराजपुर रात्रि भोजन : शुद्ध  शाकाहारी होटल किंगफिशर रास्ता: अच्छा

विशेष : दुसरे दिन का विवरण 20 जून 19 को इसी स्थान पर देखिये

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