Chronicle – 6 Narmada Parikrama

account – day 4

नर्मदा परिक्रमा – चौथा दिन – 20 फरवरी 2018 मंगलवार

हरदा से अमलेश्वर (ओम्कारेश्वर ) माँ नर्मदा जी : अमलेश्वर / ममलेश्वर – दर्शन

हरदा ( 9 बजे )  से  जलपान के बाद  आशापुर (70 किमी ), फिर खंडवा (40) पहुँचे | खंडवा से 25 किमी पर पंधाना रोड पर ग्राम थारवा में पूज्य बाबाजी द्वारा बनाया गया एक  नव निर्मित आश्रम है | निहालवाड़ी आश्रम के नाम से भी जाना जाता है | पूज्य बाबाजी के शिष्य निरंजनानन्द महाराज जी एवं प्रकाशानान्द महाराजजी वहां रहते हैं | हमने उन्हें पूर्व में ही आश्रम आने की सुचना दे दी थी | आश्रम बहुत ही सुंदर , बड़े बड़े कमरों और सभी सुविधाओं के साथ बना हुवा है | पर्याप्त खेत भी हैं | स्वच्छता, घने पेड़ फुलवारी शांत वातावरण  पूज्य बाबाजी की विशेष रूचि व स्वभाव में  है , इसलिए बाबाजी के सभी आश्रमों में इसका ध्यान रखा जाता है |

भोजन और विश्राम के बाद लगभग 2.30 वहां से प्रस्थान किया | सनावद होते हुवे लगभग 5 बजे अमलेश्वर पहुँचे |नर्मदा  परिक्रमा में ओम्कारेश्वर का बहुत महत्व है | अमलेश्वर और ओम्कारेश्वर दोनों ज्योतिर्लिंग है – लेकिन एक माना  गया है | कहते हैं यहाँ सैंकड़ों तीर्थ हैं |

अमलेश्वर ( ममलेश्वर भी कहते हैं) से  ओम्कारेश्वर जानेके लिए बहुत बड़ा पुल बना हुवा है | यहाँ यह समझना आवश्यक है की माँ नर्मदा के एक ओर , दक्षिण तट पर  ममलेश्वर है ओर दूसरी ओर उत्तर तट पर ओम्कारेश्वर | परिक्रमा पूर्ण होने के पूर्व नर्मदाजी को लांघ नहीं सकते. इसलिए पहले ममलेश्वर में ही स्थित ज्योतिर्लिंग की पूजा , नर्मदाजी को  जल अर्पण किया जाता है व लिया जाता है |

ममलेश्वर में बहुत से आश्रम , गेस्ट हॉउस , होटल इत्यादि हैं | हम भक्त निवास पहुँचे , जो शेगांव के संत (ब्रम्हलीन) पूज्य गजानन महाराज के ट्रस्ट द्वरा संचालित है |  कमरों और डोरमेट्री के  लिए यहाँ एडवांस रिजर्वेशन नहीं होता | उपलब्धता के आधार पर साफ सुथरी सभी सुविधाओं ( जैसे गरम पानी, वेस्टर्न स्टाइल कमोड , गीज़र, रूम कूलर , ऐसी , नान ऐसी, ) इत्यादि के साथ , पहले आओ पहले पाओ , व्यवस्था के  साथ न्यूनतम किराये पर यात्रियों , दर्शनार्थीयों और परिक्रमावासियों को आवास व्यवस्था दी जाती है | बताया गया कि लगभग 300 बेड की व्यवस्था  है | वाहनों के लिए पार्किंग स्थल है | पार्किंग स्थल से कमरे तक सामान ले जाने के लिए ट्राली है | अनेकों पेड़ पोधे, हरियाली है

गजानन महाराज जी , दत्त भगवान , अहिल्या माता का मंदिर है | किस समय क्या कार्यक्रम होता है, आरती, जलपान, भोजन,रेट, समय  की सूची, भोजन शाला में  सेल्फ सर्विस, सारी जानकारियां बोर्ड पर लिखी गई हैं |

शुद्ध स्वादिष्ट नाश्ता आलूपोहा / उपमा / इडली / चाय कॉफ़ी 7 रु में उपलब्ध है | असीमित भोजन गरमा गरम रोटी, दाल, चावल , सब्जी , हलुवा 35 रुपये में उपलब्ध है | सेल्फ सर्विस है , किन्तु थाली गिलास साफ करने की उनकी अपनी व्यवस्था है | यदि कोई परिक्रमावासी रात्रि 10 बजे के बाद भी आता है तो उसे भोजन निशुल्क दिया जाता है | कितना भी आग्रह करो , कोई भी कर्मचारी किसी प्रकार की टिप नहीं लेते | सब कुछ बहुत प्रसंशनीय है | यहाँ पर वाहन और पदयात्रा  करने वाले महाराष्ट्र गुजरात दक्षिण भारत  के कई परिक्रमावासियों से , भेंट हुई | परिक्रमा में सबको आनंद की अनुभूति हुई |  

पुरे भारत में इस  ट्रस्ट द्वारा, शेगांव ,ओम्कारेश्वर , पंढरपुर, आलंदी, और त्र्यम्बकेश्वर धार्मिक स्थलों में यात्रियों के लिए भक्त निवास बनाये गए हैं | ट्रस्ट के कार्यकर्ता जिस तरह अपना  कार्य करते हैं, उस तरह यदि देश के नागरिक  अधिकारी , कर्मचारी कार्य करने लगें तो देश का नक्शा ही बदल जायेगा | भविष्य में संयोग हुवा तो शेगांव की व्यवस्था और आनन्द सागर के नाम से भव्य बगीचा है, दर्शन करने की लालसा है | पुनः – सब कुछ बहुत प्रसंशनीय है |

सबकुछ देख कर हमें अपने अमरकंटक आश्रम की याद आ गयी , जहाँ स्वच्छता और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है |

भक्तनिवास में कमरे की व्यवस्था करने के बाद , आधा किमी से भी कम दुरी पर संध्या में ही  ब्रम्हपुरी घाट में माँ नर्मदा जी के दर्शन , नमन किया |

ब्रम्हपुरी घाट
माँ नर्मदा – ब्रम्हपुरी घाट

अमरकंटक में ही हमें बता दिया गया था कि ममलेश्वर में रुद्राभिषेक  पूजा इत्यादि की व्यवस्था के लिए मार्कन्डेय उदासीन आश्रम में स्वामी प्रणवानंद जी से निर्देश लेलेवें | वे प्रवास में थे | अतः आश्रम के कोठारीजी ने इस व्यवस्था हेतु  पंडित सुधीर अत्रे जी को कहा | पंडित जी से भेंट हुई | रुद्राभिषेक हेतु तैयार होकर सुबह 9 बजे ममलेश्वर मंदिर में पहुँचने हेतु बताया |

आज हरदा (9.00 सुबह ) ममलेश्वर (संध्या 5.00 बजे). लगभग 210  किमी  वाया आशापुर, खंडवा, ( पंधाना रोड पर थारवा आश्रम / निहाल वाडी आश्रम ) सनावद , रास्ता: अच्छा दोपहर भोजन : थारवा आश्रम ( पंधाना ) रात्रि विश्राम व भोजन : श्री गजानन महाराज शेगांव  ट्रस्ट संचालित भक्तनिवास

विशेष : पांचवे दिन की जानकारी 12 जुलाई को इसी स्थान पर देखिये

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