account – day 13 1.3.2018 गुरुवार
बडवाहा से बरेली
नर्मदा जी : बडवाहा , नेमावर, बुधनी ,बांदरा भान
हरिओम आश्रम, जहाँ कल विश्राम किया था , वहां से ममलेश्वर जाने के लिए नर्मदा जी के पुल पर से जाना पड़ता ,नियम का उल्लंघन न हो , इसलिए आश्रम के निकट बने हुवे खेड़ीघाट पर ही प्रातः नर्मदा में स्नान किया , पूजन किया |

आश्रम में जलपान के पश्चात बरेली के लिए प्रस्थान किया | बडवाहा से खातेगांव 140 किमी का रास्ता बहुत ख़राब था |
नेमावर
लगभग 2.30 बजे नेमावर पहुँचे | नर्मदा जी के एक किनारे हांडिया (हरदा , परिक्रमा का तीसरा दिन) और दुसरे किनारे नेमावर – नर्मदा जी का नाभि स्थान है | जल बिलकुल साफ | नेमावर किनारे से नाभि , हंडिया की अपेक्षा नजदीक है, दूर से ही दर्शन किये |
आज संन्ध्या होली दहन व कल रंग उत्सव है | नेमावर में स्थानीय लोगों ने नर्मदा जी के किनारे होली का रंग जमाना शुरू कर दिया था , किन्तु हमें कोई भी परेशानी नहीं हुई |

बताते हैं यहाँ पर सिद्धनाथ मंदिर है जिसकी स्थापना सनकादि ऋषियों ने की थी | इसे जमदग्नि ऋषि की तपो भूमि भी मानते हैं | मंदिर की नक्काशी कारीगिरी देखने लायक है ,जिसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया है |

सिद्धनाथ मंदिर 
नेमावार
रेहती रामगढ़ा
नेमावर से लगभग 55 किमी बरेली मार्ग पर रेहती रामगढ़ा में भव्य सुंदर मंदिर दिखाई दिया | विशाल परिसर में स्व्च्छता थी |विभिन्न मंदिरों के दर्शन किये |
बिजासन माता मंदिर
फिर नेमावर से सलकनपुर , वहां से बरेली मार्ग पर पर्वत पर बिजासन माता मंदिर है | कार से भी मार्ग है और रोप वे भी है | बहुत ही विशाल सुंदर परिसर, फेंसिंग से घिरा हुवा ,अच्छा रख रखाव, यात्रियों के लिए बगीचे के साथ बैठने के उचित व्यवस्था, प्राकृतिक सौंदर्य – ये सब आज भी स्मृती पटल पर है | बिजासन माता व् अन्य दर्शन कर 6 बजे वहां से प्रस्थान किया |

बुधनी – बांदरा भान – बरेली
मार्ग में बुधनी में नर्मदाजी दर्शन किया | फिर बांदरा भान , जहाँ तवा नदी और नर्मदाजी का संगम , स्पष्ट दिखता है, जल भी स्वच्छ है , दर्शन किये | बान्दराभन तपो भूमि है |

नर्मदाजी बुधनी 
तवा व नर्मदाजी संगम बांद्राभान
बान्दराभान दर्शन करने के बाद लगभग 7 बजे बरेली पहुँचे | बरेली में गैलेक्सी पैलेस नया होटल बना है जहाँ विश्राम किया |
आज – बडवाहा (10 बजे ) से बरेली ( 8 बजे) लगभग 330 किमी वाया नेमावर ,रुद्रधाम रेहती ,सलकनपुर , बुधनी , बान्दराभान से बरेली, रास्ता – बडवाहा से खातेगांव 140 किमी ठीक नही जलपान –आश्रम, भोजन – ढाबा , रात्रि विश्राम व भोजन – बरेली डीज़ल – बरेली
विशेष : चौदहवें दिन का विवरण 4.8.19 को देखिये




