Chronicle-19 Narmada Prikrama

account – day 16 रविवार 

जबलपुर से अमरकंटक

नर्मदाजी : जिलहेरी घाट , जोगी टिकरिया (डिंडोरी,)

आज सुबह जलेरी घाट का दर्शन किया , यह ग्वारी घाट की अपेक्षा अधिक बड़ा , साफ सुथरा है | आज फिर  माँ की गोद में स्नान  का आनंद लिया | पूजा की |जिलहरी घाट पर छोटे छोटे बहुत से मंदिर हैं जहाँ शिवलिंग की पूजा होती है |

लगभग 9.30 बजे जबलपुर से प्रस्थान किया | करीब  3 घंटे बाद मार्ग में ही बडखेरा आश्रम शहपुरा में एक मंदिर देख कर रुके | अर्धनारीश्वर शंकरजी, हनुमानजी, दुर्गाजी के  दर्शन के साथ ही , एक शिवलिंग पर अनेको शिवलिंग के दर्शन किये |

  • बडखेरा आश्रम शहपूरा के मंदिर

लगभग 3 बजे जोगी टिकरिया (डिंडोरी के दुसरे किनारे ) में पुनः नर्मदाजी के दर्शन किये | जलराशि तो इतनी कम थी कि लोटा भरकर ही स्नान किया जा सकता था , किन्तु शांत प्रवाह , शीतलता और चट्टानों पर बहता आईने की तरह साफ जल देख स्नान की इच्छा रोक नहीं सका, गोद में बैठकर नहीं लेट कर ही स्नान का आनंद का आनंद लिया |

घाट के पास  ,कुछ कार ,ट्रक बस खड़ीं थीं | बताया गया की नेता जी की पैदल परिक्रमा से संबधित है , अमरकंटक जाने वाली है, समापन की ओर है |

वहां से  प्रस्थान किया | बिना रेलिंग के पुल को परिक्रमावासी लांघें नहीं, इसलिए “ माँ नर्मदा परिक्रमा पथ – उत्तर तट “ का मार्ग संकेतक भी लगा था |

राजेन्द्रग्राम ,पोडकी होते हुवे अपने  श्री कल्याण सेवा आश्रम पहंच गए | आश्रम में पूज्य श्री हिमान्द्री महाराज जी थे उन से आशीर्वाद प्राप्त किया | कल सुबह माई  की बगिया में माँ का व कन्याओं का पूजन , कडाही प्रसाद आदि की व्यवस्था की चर्चा की | पूज्य बाबाजी को तो सब जानकारी रहती ही है , फिर भी उनको भी सुचना दे दी कि आपकी कृपा से हम आश्रम पहुँच गए हैं | परिक्रमा पूर्णता की ओर है |

आज जबलपुर (9.30 बजे) से अमरकंटक (6 बजे) लगभग 300 किमी वाया कुंदम ,शहपुरा , जोगी टिकरिया राजेंद्र ग्राम , पोडकी अमरकंटक रास्ता – अच्छा

विशेष : सत्रहवें दिन का विवरण भी को देखिये

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