Chronicle – 20NarmadaParikrama

account – day 17 , 5.3.2018 सोमवार

अमरकंटक – माई की बगिया , परिक्रमा पूर्ण

पूर्व में सुचना दे दी गई थी, उसके  अनुसार आज माई की बगिया में कढाई प्रसाद तैयार हुवा |  पंडितों ने नर्मदा माई ,कन्याओं का पूजन करवाया | कन्याओं ने  आशीर्वाद दिया |  मंदिर में  हम सब ने दर्शन किया | आज  उत्तर तट की परिक्रमा भी पूर्ण हुई |

माई की बगिया
कन्या भोजन ,पूजन

वैसे तो यात्रा की दृष्टि से परिक्रमा पूर्ण हो गई | नियम  के अनुसार यात्रा के प्रारंभ में नर्मदा जी का जो जल यहाँ से लिया था और उस जल में से कुछ गोमुख ममलेश्वर (ओम्कारेश्वर ) में अर्पण किया था, फिर गोमुख का जल रेवा सागर संगम में अर्पण किया और रेवा सागर का कुछ जल  यहाँ और यहाँ से पुनः जल लेकर ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग का अभिषेक करने से ही परिक्रमा की पूर्णता होती है | ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग का अभिषेक करने के लिए हमने भी पुनः नर्मदा  जल ले लिया |

“परिक्रमा यात्रा “ पूर्ण होने पर अब नर्मदाजी के पुल पर से जा सकते हैं , अब  नर्मदाजी को लांघने से कोई नियम भंग नहीं होता – कोई दोष नहीं लगता | सत्रह दिनों की यह परिक्रमा पूज्य बाबाजी की कृपा व आशीर्वाद से  बिना किसी विघ्न असुविधा, परेशानी के पूर्ण हुई |

आज राजनांद्गाँव के लिए प्रस्थान किया | ज्ञात हुवा कि डोल आश्रम में स्थापना  के लिए दक्षिण भारत से विशेष वाहन में श्री यंत्र ले कर पूज्य राजा बाबा आज ही रायपुर पहुँचे हैं  | यह हमारा सौभाग्य ही था कि नर्मदा परिक्रमा के अंतिम चरण में रायपुर में श्री यंत्र के दर्शन भी प्राप्त हुए | राजा बाबा का आशीर्वाद भी मिला |

विशेष ; अठारहवें दिन का विवरण भी को देखिये

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