account -day 11, 27.2.18 मंगलवार
गरुडेश्वर से मांडव
नर्मदा : गरुडेश्वर, कोटेश्वर (निसारपुर) मनावर
आज 27 फरवरी मंगलवार , यात्रा का ग्यारहवाँ दिन | प्रातः दत्त संस्थान मंदिर परिसर से लगे हुवे घाट पर नर्मदा स्नान ,पूजन किया | दत्त मंदिर, नार्देश्वर मंदिर, श्री वासुदेवानंद सरस्वती समाधी का दर्शन किया |

श्री दत्त सेवा संस्थान 
दीप प्रवाह
जलपान के पश्चात हांपेश्वर (76किमी) के लिए प्रस्थान किया | कवांट और कड़ीपानी होते हुवे हांपेश्वर पहुँचे | सरदार सरोवर बाँध के कारण पुराना मंदिर डूब गया है इसलिए पुनर्स्थापित जो बहुत ही सुंदर मंदिर है ,आगे भी निर्माण होरहा है , दर्शन किये | कड़ीपानी से हांपेश्वर 6 किमी पहाड़ी रास्ता है |

हांपेश्वर से वापिस कड़ीपानी और कवांट से चकताला ,चकताला से अलीराजपुर मार्ग पर , अलीराजपुर के 5 किमी पहले एक परिसर में बहुत पुराना किन्तु बारीक़ नक्काशी और कारीगिरी का एक मंदिर दिखाई दिया | कुछ समय वहां रुके | संभवतः पुरातत्व विभाग के अंतर्गत है ,किन्तु वहां किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं मिली | अलीराजपुर में भोजन किया |

फिर कुक्षी से आगे निसरपुर के निकट नर्मदा जी का दर्शन ,नमन किया | और कोटेश्वर महादेव के दर्शन किये |

नर्मदाजी निसारपुर 
कोटेश्वर महादेव मंदिर
निसारपुर से प्रस्थान कर मनावर पहुँचे | मनावर मंदिर में परिक्रमा वासियों के लिए सदाव्रत व्यवस्था है | वहां के व्यवस्थापक ने रात्रि विश्राम के लिए हमें कहा |

मनावर में मंदिर के दर्शन कर धरमपुरी होते हुवे माँडव के लिए संध्या लगभग 6 बजे प्रस्थान किया | अँधेरा हो गया था ,रास्ता ठीक है –ऐसा बताया गया किन्तु रास्ता बहुत ही ख़राब था | धीरे धीरे रात्रि लगभग 9 बजे मांडव पहुँच कर जैन मंदिर में विश्राम किया | यह भी अनुशाषित बहुत बड़ा परिसर , सभी सुविधाओं के साथ उपलब्ध है | मांडव में शुद्ध शाकाहारी भोजनालय में भोजन किया |
आज गरुडेश्वर (10 बजे) से मांडव (रात्रि 9 बजे) , कुल 300 किमी वाया नसवाडी, कावंत , कड़ीपानी , हांपेश्वर, अलीराजपुर, कुक्षी, निसारपुर, मनावर, धरमपुरी मांडव , रास्ता धरमपुरी से मांडव बहुत ख़राब था | भोजन : अलीराजपुर , रात्रि विश्राम – जैन भवन मांडव डीज़ल – गरुडेश्वर
विशेष:बारहवें दिन का विवरण 3.8.19 को देखिये
